डॉक्टर हुकमचंद भारिल्ल जयपुर
डॉक्टर हुकम चंद भारिल्ल जी का जन्म आज जैन समाज के उच्च कोटि के विद्वानों में अग्रणीय है |
जन्म – ज्येष्ठ कृष्ण अष्टमी विक्रम संवत 1992 तथा तदनुसार शनिवार दिनांक 25 मई 1935 को ललितपुर उत्तर प्रदेश जिले के बरौदा स्वामी ग्राम में हुआ था |
माता-पिता- उमराव सिंह के पुत्र हरदास की पत्नी पार्वती बाई (नन्ही बाई 18 फरवरी 1973 की अवसान) के मंजिले पुत्र हुकुमचंद भारिल्ल |
पत्नि – गुणमाला भारिल्ल पुत्री पंडित चुन्नीलाल जैन चंदेरी, वैशाख सुदी अक्षय तृतीया को पारोली में सेवा के समय विवाह हुआ |
भाई-बहन – बड़े भाई का नाम पंडित रतन चंद्र भारिल्ल एवं छोटे भाई उत्तम चंद्र भारिल्ल
पुत्र-पुत्री – पुत्र परमात्म प्रकाश भारिल्ल -अनेकांत शास्त्री
अध्यात्म प्रकाश भारिल्ल – आस्था -आराधना
पुत्री – शुद्धात्म प्रभा टडैया,- अभिनंदन टडैया अध्याम प्रभा – विपिन शास्त्री मलाड |
एक धार्मिक परिवार में जन्मे डॉक्टर भारिल्ल शास्त्री, न्यायतीर्थ, साहित्य रत्न तथा एम.ए., पी. एच.डी. हैं | मंगलायतन विश्वविद्यालय द्वारा आपको लीट की मानद उपाधि प्रदान की गई है | समाज द्वारा समय-समय पर आपको विद्यावारिधि, महामहोपाध्याय, विद्यावाचस्पति, परमागमविशारद, तत्ववेत्ता, जैनरत्न, आध्यात्म शिरोमणि, वाणी भूषण आदि अनेक उपाधियों से विभूषित किया गया है |
सरल, सुबोध तर्कसंगत एवं आकर्षक शैली के प्रवचनकार डॉ भारिल्ल आज सर्वाधिक लोकप्रिय आध्यात्मिक प्रवक्ता हैं, उन्हें सुनने देश-विदेश में हजारों श्रोता निरंतर उत्सुक रहते हैं |
आध्यात्मिक जगत में ऐसा कोई घर ना होगा जहां प्रतिदिन आपके प्रवचनों के कैसेट ना सुने जाते हो तथा आपका साहित्य उपलब्ध न हो | धर्म प्रचार – प्रसार के लिए अपने 35 बार विदेश यात्राएं भी कर चुकी हैं |
जैन जगत में सर्वाधिक पढ़े जाने वाले डॉक्टर भारिल्ल ने अब तक छोटी-बड़ी 100 से अधिक पुस्तक लिखी हैं और अनेक ग्रंथो का संपादन किया है |
आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि अब तक आठ भाषाओं में प्रकाशित आपकी कृतियां 45 लाख से भी अधिक की संख्या में जन-जन तक पहुंच चुकी हैं ग्रन्थाधिराज समयसार पर आपके प्रवचन नियमित सुबह प्रातः काल में चलते हैं |
सर्वाधिक बिक्री वाले जैन आध्यात्मिक मासिक “वीतराग विज्ञान” हिंदी, मराठी,तथा कन्नड़ के आप संपादक हैं | श्री टोडरमल स्मारक भवन की छत के नीचे चलने वाली विभिन्न संस्थाओं की गतिविधियों के संचालन में आपका महत्वपूर्ण योगदान है |
