
बाल ब्रह्मचारी रविंद्र जी अमायन
जन्मतिथि – 15- 6- 1951 कुरावली मैनपुरी उत्तर प्रदेश
माता-पिता – उग्रसेन जैन श्रीमती गुणमाला जैन (माताजी का अवसान 1962) में पिताजी (लगभग 85) 1999 |
शिक्षा – इंटर तक शिक्षा कुरावली में साइंस से की परंतु तत्व ज्ञान हेतु आप दोनों भाइयों ने आगरा में हिंदी, संस्कृत, गणित,अंग्रेजी साहित्य से बी. ए. किया | 1973 में एम. ए. हिंदी साहित्य रत्न प्रथम
प्रथम श्रेणी से पास किया |
धार्मिक संस्कार- धार्मिक संस्कार का साधन न होने से श्री सुरेन्द्र सागर प्रचंडिया कविरत्न ने बहुत काम किया |
इन्होंने सहजानंद वर्णी के तीन भाग पढ़ाये, फिर समाज की उलझन के कारण तीन माह बाद बंद हो गई | फिर पाठशाला आप दोनों नहीं चलाई, पढ़कर पढ़ाया | 3 साल तक पाठशाला चली |
रचना- अनेकों पद्य रचनाएं |
एम. ए. करने के बाद एक साथ दोनों भाई का भाव था कि दोनों एक ही कॉलेज में पढ़ाएंगे, अतः अपने हिंदी साहित्य से एम. ए. एवं अरविंद जी ने एम. ए. पीएचडी संस्कृत में की | कॉलेज में टॉप भी किया था | बाद में पिलुआ (एटा एवं अलीगंज के बीच )में इंटर कॉलेज में 5 -6 माह पढ़ाया था | श्रीमान इंद्र कुमार जैन मैनेजर को पान की दुकान पर गोली मार दी | इस घटना के समय पंडित जी बाजू में खड़े थे इसका बहुत असर हुआ और वैराग्य भी हो गया फिर ब्रह्मचर्य व्रत लिया | 10-12 वर्ष तक इस घटना के बाद बहुत बीमार रहे |
संयम – दो प्रतिमा के व्रत पालने में सदा दृढ़ |
