
श्री विमल दादा झांझरी, उज्जैना
जन्म – तिथी – २५-२-१९५६
माता-पिता का नाम – सोनकच्छ (देवास म.प्र.)
श्री फूलचन्द्र जी झांझरी (जैन समाज के अध्यक्ष नमक मंडी, १९६८ से रुचि लगी तब सोनगढ़ गये ।) माता- माणक देवी जैन | विमला देवी पति श्री स्व. कस्तूर चन्द्र गोधा, प्रकाश भाई, ज्ञान भानु, ब्र. पुष्पलता (सबसे छोटी उम्र में २१ वर्ष की उम्र में गुरुदेव से व्र. लिया ।), प्रदीप, सुकुमाल झांझरी
शिक्षा – प्रदीप झांझरी
१९७४ में चंदेरी सबसे छोटी उम्र के विद्वान के रूप में १४ न. के विद्वान के में चंदेरी गये । १९७६ में पाठशाला प्रारम्भ की ।
१९७९ में स्मारक में उपाध्याय प्रथम वर्ष मात्र किया ।
परिवार – पत्नी – इन्द्रा देवी
संतान – ब्र.ज्ञान धारा, श्रीमती शांतिधारा, अरिहंत प्रकाश, ब्र. समता बेन,
व्यवसाय – दाल मिल, दलाली, ऑटो बाइक एजेंसी
गुरुदेवश्री का परिचय – १९७४ से किराए से लेकर रहने लगे थे। ज्ञान धारा वहीं पढ़ाई करने लगी थी।
रचनात्मक कार्य – स्वाध्याय, KKPPS कि स्थापना, सम्मेदशिखर में ५ वर्ष में अद्भुत प्रसंशनीय शिविर, ग्रुप शिविर।
