
प्रतिष्ठाचार्य पंडित चंदूभाई
जन्मतिथि – विक्रम संवत 1980 आसो सुद 15 रविवार 10 दिसंबर1929 ।
अवसान – संवत 2065 माहवद 12 शनिवार 21 फरवरी 2009 माण्डले ग्राम (वर्मा) में खेमचंद्र भाई के यहां जन्में थे।
शिक्षा – साधारण
परिवार- बहिन – तारामती
भैया – मूसंत मूलवंतराय – भाभी कलावती 2 वसंत राय – विलास बेन भतीजा – हर्षद – शोभना.
कुंजल – कीर्ती भतीजी ।
ख्याति आगम, चैतन्य ।
गुरुदेव श्री से परिचय- सन् 1941 से सोनगढ़ में रह रहे हैं। 39 साल गुरुदेव की सेवा की। समवशरण प्रतिष्ठा से 2 माह पूर्व सोनगढ आना हो गया।
व्यवसाय– व्यवसाय के प्रति उदासीनता व 18 वर्ष की उम्र में युद्ध के कारण बर्मा छोड़कर पैदल भारत आना पड़ा। तदुपरांत आजीवन निवृत्त रहे।
रचनात्मक कार्य – स्वर्ण भानु उग्या रे…….. (इस टाइटल में बना गुरुदेव का जीवन परिचय आप ही की कृति थी।)
सोनगढ़ में शास्त्र प्रवचन 27 वर्ष,प्रतिष्ठाचार्य साथ में बजूभाई शाह बडबाढ। खानिया तत्व चर्चा में अप्रत्यक्ष मदद।
गुरुदेव श्री कि सेवा भोजन, उतारा ,यात्रा, प्रतिष्ठा, हॉस्पिटल में साथ । वचनामृत प्रवचन का संग्रह। हिम्मतभाई के साथ अनुवाद आदि में सम्हाल।
प्रेरक प्रसँग – हिम्मत भाई से वैशाख एवं श्रावण मास में2020 का शिक्षण देते थे वह लिया।
