11. Pandit rajendra ji Jabalpur

प. राजेन्द्र कुमारजी जबलपुर
जन्म – १५-७-१९४७ कूढा ग्राम शहपुरा (जबलपुर)
माता पिता का नाम – श्रीमती छोटीबाई एवं पिताश्री ज्ञानचन्द्र जी जैन, भाई जिनेन्द्र जैन,
पत्नी का नाम – श्रीमती माया जैन
सन्तान –  १- अजित जैन २- अनुभूति अनूप जैन, मलाड मुंबई
शिक्षा –  एमएससी
व्यवसाय –  रेडीमेड बस्त्र व्यवसाई
प्रेरक प्रसंग  – जज श्री फूलचन्द्रजी जिन्हें गुरुदेव श्री से साहित्य मिला परन्तु अनेकों दिनों तक न पड़ा एक दिन पत्नी ने कहा निशुल्क मिला है तो क्या कम से कम पडों तो इसमें क्या लिखा है। बस पढ़ते ही रूचि लग गई | अनेकों बार सोनगढ़ गये । लाड गंज फौवारा जैन मन्दिर में प्रवचन प्रारम्भ कर दिए। आपकी सभी में ५०-६० भाई बहिन बेठने लगे थे। ज्ञानचन्द्र जि संस्कृत विशारद, शास्त्री ‘भी आपके साथ जुड़ गये और दोनों वर्षों तक प्रवचन करते रहें।
स्वामीजी के दर्शन – सर्व प्रथम १९७५ में परमागम प्रतिष्ठा में गये। फिर एक शादी में मुम्बई जाना हुआ तव धोबी तालाब पर गुरुदेव श्री जन्म जयंती मनाई जा रही थी सबसे छुपकर वहाँ चले गये ।१९८१ में जयपुर पहली बार गये ।
प्रवचन प्रारंभ – ३५ साल की उम्र से प्रवचन करने लगे। जज साहब ने प्रवचन करने गादी पर बैठाया । भजन लिखने में आशुकवि हैं। आपकी अनेकों रचनाएँ देश-विदेश, घर-२ में सुनी जाती हैं। १९८३ में सिवनी में प्रथम पर्युषण प्रवचन करने गये ।
नया मन्दिर – मन्दिर में विरोध होने पर पायल वाला मार्केट में जगह लेकर १९९५ से प्रवचन प्रारम्भ हुए । २००० में नया मन्दिर बन गया ।