
ब्र. अभिनन्दन कुमार जी खनियाधाना
जन्म तिथि – ४-६-१९४६ गूडर (खनियाधाना) शिवपुरी मध्य प्रदेश
माता-पिता का नाम – स्व. गंगा बाई स्व. मल्धुराम जैन
शिक्षा – शास्त्री
गुरुदेवश्री का परिचय – १९६९ से प्रतिवर्ष सोनगढ़ गये । १९७१ में खनियाधाना में बड़े दादा पधारे थे १० दिन का शिविर लगा वहीँ से यहाँ क्रान्ति हुई | इस शिविर में प. ज्ञान चन्द्र जी विदिशा छहडाला एवं धनालाल जि गवालिअर रत्नकरंडश्रावकाचार पर प्रवचन करते थे । रतनचन्द्र जी मोक्षमार्ग प्रकाशक पर प्रवचन करते थे |
रचनात्मक कार्य – वड़ोदरा पञ्च कल्याणक में १९८० में प्रतिष्ठाचार्य धन्नालाल जी ने पगड़ी पहना कर जिम्मेदारी दी | प्रतिष्ठाचार्य देश विदेश लन्दन, कनाडा, अमेरिका में पञ्च कल्याणक कराये | एक प्रतिष्ठा पाठ की रचना की (अप्रकाशित ) |
आपके निर्देशन में खनियाधाना में भारत प्रसिद्ध नन्दीश्वर मन्दिर ११३ फुट चौड़ा, ११३ फुट ऊंचा, ११३ लघु शिखर, ११३ सुवर्ण कलश, ११३ से दुगुनी लम्बाई, ११३ किलो का घंटा, ११३ माह में बनकर तैयार, गुरुदेव श्री की ११३ वी जन्म जयंती पर सन २००२ में पञ्च कल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव संपन्न हुआ |
यहाँ एक नन्दीश्वर विद्यालय एवं छात्रावास भी संचालित हैं । जिसमें ८०० छात्र एवं ५५ छात्र क्रममशः अध्ययनरत है ।
प्रेरक प्रसंग – भोपाल में टेलरिंग का काम जमा लिया था तब बड़े दादा ने प्रेरणा की यहाँ कहाँ जीवन खो रहे हो उन्हें जयपुर पढने को ले गये | प्रथम बेच के आप सफल विद्यार्थी हो | व्र. परस राम जी एवं ब्र. चेतनलाल जी के सानिध्य में आपको वैराग्य आया एवं सादगी पूर्ण जीवन जीने लगे थे ।
